ब्रसेल्स / इस महीने बनना था सबसे कम उम्र का ग्रेजुएट, तारीख बदली तो छोड़ दी यूनिवर्सिटी

9 वर्षीय लॉरेन्ट सिमोन्स अब बना सबसे कम उम्र का ड्रॉपआउट, आइंडोहवेन यूनिवर्सिटी में कर रहा था इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंगअमेरिका के माइकल किरेनी फिलहाल दुनिया के सबसे कम उम्र के ग्रेजुएट हैं, जिन्हें 1994 में 10 साल, 4 महीने की उम्र में डिग्री मिली थी।

ब्रसेल्स. इस महीने के अंत तक दुनिया के सबसे कम उम्र के ग्रेजुएट बनने जा रहे लॉरेंट सिमोंस ने यूनिवर्सिटी छोड़ दी है। बेल्जियम का नौ साल के लॉरेंट आइंडहोवन यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था। एग्जाम्स के बाद दिसंबर के अंत में ग्रेजुएट होना था, मगर यूनिवर्सिटी की ओर से डिग्री दिए जाने की तारीख बदलने के बाद उनके पैरेंट्स ने फैसला किया कि वह यूनिवर्सिटी ही छोड़ देंगे। लॉरेंट का जन्म 26 दिसंबर है। इस फैसले के बाद वह दुनिया के सबसे कम उम्र (10 साल के अंदर) के ग्रेजुएट नहीं बन पाएंगे।

यूनिवर्सिटी का कहना है कि दिसंबर तक लॉरेन्ट के सारे एग्जाम नहीं हो पाएंगे, इसलिए उसे डिग्री अगले साल जुलाई में ही मिल पाएगी। हालांकि लॉरेन्ट का कहना है कि इसकी वजह एक ओरल एग्जाम में फेल किए जाने के बाद उसके द्वारा किए जाने वाला विरोध है। अमेरिका के माइकल किरेनी फिलहाल दुनिया के सबसे कम उम्र के ग्रेजुएट हैं, जिन्हें 1994 में 10 साल, 4 महीने की उम्र में यह डिग्री मिली थी।

लॉरेंट ने नाराजगी जताई
लॉरेंट सिमोंस ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट के जरिए भी यूनिवर्सिटी के प्रति अपनी नाराजगी जताकर अधिकारियों को झूठा करार दिया। पोस्ट के साथ ही लॉरेन्ट ने उस ई-मेल का स्क्रीनशॉट भी डाला है, जिसमें यूनिवर्सिटी की ओर से उसे इसी साल ग्रेजुएट किए जाने की बात कही गई थी। उसने पोस्ट में लिखा- “मेरी पढ़ाई अच्छी चल रही थी और दिसंबर में खत्म हो जानी थी। मगर मेरे पैरेंट्स से कहा गया कि सारे एग्जाम न हो पाने के कारण दिसंबर में डिग्री देना संभव नहीं होगा। हालांकि, इसकी वजह ओरल एग्जाम वाला मामला था। मैंने विरोध जताया तो उन्होंने कह दिया कि दिसंबर में डिग्री नहीं देंगे। एक महीना, दो महीना, तीन महीने लेकिन सात महीने, यह तो हद है। ” मालूम हो कि पिछले महीने लॉरेन्ट के सबसे कम उम्र के ग्रेजुएट बनने की खबर पर यूनिवर्सिटी ने उन्हें विलक्षण प्रतिभा का धनी कहा था।

पिता ने कहा- बेटे का पीएचडी करने का प्लान था
लॉरेन्ट के पिता एलेग्जेंडर ने बताया, पिछले महीने तक सबकुछ ठीक चल रहा था, लेकिन अचानक से अब डिग्री देने में छह महीने की देरी। यह सही नहीं है। मेरे बेटे का इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन के बाद विदेश की एक यूनिवर्सिटी से पीएचडी करने का प्लान था। लॉरेन्ट को कई बड़ी यूनिवर्सिटीज से पढ़ाई के लिए ऑफर आया है। हम जल्द ही उसकी आगे की पढ़ाई के बारे में कोई फैसला लेंगे।

admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *